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शिक्षामित्र कौन होते हैं Uttar Pradesh Shikshamitra

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Uttar Pradesh Shikshamitra

उत्तर प्रदेश (UP) में शिक्षामित्र शिक्षा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संविदा शिक्षण पद है, जो राज्य के प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1–5) में बच्चों को पढ़ाने और विद्यालय संचालन में सहायता करता है। इस लेख में हम उत्तर प्रदेश के आधार पर शिक्षामित्र की योग्यता, मानदेय, नियुक्ति प्रक्रिया और भविष्य से जुड़ी आधिकारिक जानकारी को विस्तार से समझेंगे।

1. शिक्षामित्र का अर्थ और उद्देश्य

शिक्षामित्र वे सहायक शिक्षक होते हैं जिन्हें उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए नियुक्त किया जाता है। यह पद स्थायी सरकारी शिक्षक नहीं होता, बल्कि संविदा (Contract) पर आधारित होता है और इन्हें मानदेय (Honorarium) दिया जाता है।

  • कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई कराना
  • विद्यालय संचालन में सहयोग करना
  • नामांकन अभियान में भाग लेना
  • मिड-डे मील योजना में सहयोग

2. शिक्षामित्र की नियुक्ति प्रक्रिया (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं के आधार पर शिक्षामित्रों की नियुक्ति की जाती है। भर्ती प्रक्रिया आमतौर पर निम्न चरणों में होती है:

  1. आधिकारिक विज्ञापन जारी
  2. ऑनलाइन आवेदन
  3. मेरिट के आधार पर चयन
  4. दस्तावेज सत्यापन
  5. नियुक्ति पत्र जारी

3. शिक्षामित्र बनने की योग्यता

पात्रता विवरण
शैक्षिक योग्यता स्नातक (Graduation)
शिक्षण प्रशिक्षण BTC / D.El.Ed (मान्यता प्राप्त संस्थान से)
आयु सीमा राज्य सरकार के नियम अनुसार

4. शिक्षामित्र का मानदेय (Salary 2026)

विवरण राशि
पुराना मानदेय ₹10,000 प्रति माह (लगभग)
नया मानदेय (2026) ₹18,000 प्रति माह (लगभग)

शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षकों की तरह DA, HRA, पेंशन आदि लाभ सामान्यतः प्राप्त नहीं होते, क्योंकि वे संविदा पर कार्यरत होते हैं।

5. शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक में अंतर

तुलना शिक्षामित्र सहायक अध्यापक
नौकरी प्रकार संविदा स्थायी सरकारी
वेतन मानदेय वेतन आयोग (7वां / 8वां राज्य सरकार द्वारा बढ़ाया जाता है।)
लाभ सीमित DA, HRA, पेंशन आदि

6. FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: शिक्षामित्र कौन होते हैं?
उत्तर: वे संविदा सहायक शिक्षक हैं जो उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाते हैं।

प्रश्न: क्या शिक्षामित्र सरकारी कर्मचारी हैं?
उत्तर: वे पूर्ण रूप से नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं होते, बल्कि मानदेय आधारित होते हैं।

प्रश्न: शिक्षामित्र स्थायी कैसे बन सकते हैं?
उत्तर: TET/CTET और आवश्यक योग्यता पूरी कर नियमित शिक्षक भर्ती में चयनित होकर।


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यद्यपि वे संविदा पर कार्य करते हैं, फिर भी विद्यालय संचालन और बच्चों की शिक्षा में उनकी भूमिका अहम है। 2026 में मानदेय वृद्धि के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

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