Super TET Syllabus for 6th to 8th | Aided Junior Teacher
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| Uttar Pradesh Super TET Syllabus |
| क्र.सं | विषय वस्तु | प्रश्नों की संख्या | अंक | |
|---|---|---|---|---|
| 1. | खण्ड 'क' | सामान्य ज्ञान (अनिवार्य) | 50 MCQs | 50 |
| 2. | खण्ड 'ख' | (क) भाषा शिक्षक के लिए (संस्कृत/हिन्दी/अंग्रेजी में से कोई एक) | 100 MCQs | 100 |
| (ख) सामाजिक अध्ययन शिक्षक के लिए सामाजिक अध्ययन | ||||
| (ग) विज्ञान एवं गणित शिक्षक के लिए विज्ञान एवं गणित | ||||
| वैकल्पिक (क) अथवा (ख) अथवा (ग) में से कोई भी | ||||
| कुल | 150 MCQs | 150 अंक | ||
परिशिष्ट - 1
"जूनियर हाई स्कूल प्रधानाध्यापक / सहायक अध्यापक चयन परीक्षा वर्ष 2021" हेतु निर्धारित पाठ्यक्रम
1. सामान्य ज्ञान / समसामयिक घटनाएँ / तार्किक ज्ञान
(खण्ड 'क')
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ।
- भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन।
- भारत का भूगोल।
- भारतीय राजनीति एवं शासन–संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, लोकनीति आधिकारिक प्रकरण आदि।
- आर्थिक और सामाजिक विकास–सतत विकास, गरीबी अन्तर्विष्ट जनसांख्यिकीय, सामाजिक क्षेत्र के इनिशियेटिव आदि।
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी सम्बन्धी सामान्य विषय, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन।
- सामान्य विज्ञान।
- Reasoning: Analogies, assertion and reason, binary logic, classification, clocks and calendars, coded inequalities, coding-decoding.
प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक हेतु
(खण्ड 'ख')
2. हिन्दी
- हिन्दी साहित्य एवं भाषा का इतिहास।
- व्याकरण।
- अपठित गद्यांश तथा पद्यांश।
- प्रमुख लेखकों / कवियों का सामान्य परिचय एवं उनकी रचनाएँ।
3. English
- History of English Literature and Language.
- Grammar.
- Unseen Passage.
- Writers, general introduction and their work.
4. संस्कृत
- संस्कृत भाषा एवं साहित्य के इतिहास की जानकारी।
- व्याकरण।
- अपठित गद्यांश / पद्यांश।
- प्रमुख लेखकों / कवियों का सामान्य परिचय एवं उनकी कृतियाँ।
5. सामाजिक अध्ययन
- इतिहास जानने के स्रोत।
- पाषाणकालीन संस्कृति, ताम्र पाषाणिक संस्कृति, वैदिक संस्कृति।
- छठी शताब्दी ई० पू० का भारत।
- भारत के प्रारम्भिक राज्य।
- भारत में मौर्य साम्राज्य की स्थापना।
- मौर्योत्तरकालीन भारत, गुप्तकाल, राजपूत कालीन भारत, पुष्यभूति वंश, दक्षिण भारत के राज्य।
- छठी शताब्दी का धार्मिक तथा सामाजिक विकास।
- इस्लाम का भारत में आगमन, दिल्ली सल्तनत की स्थापना, विस्तार, विघटन।
- मुगल साम्राज्य, संस्कृति, पतन।
- यूरोपीय शक्तियों का भारत में आगमन एवं अंग्रेजी राज्य की स्थापना।
- भारत में कम्पनी राज्य का विस्तार।
- भारत में नवजागरण, भारत में राष्ट्रवाद का उदय।
- स्वाधीनता आन्दोलन, स्वतंत्रता प्राप्ति, भारत विभाजन।
- स्वतंत्र भारत की चुनौतियाँ।
- हम और हमारा समाज।
- ग्रामीण एवं नगरीय समाज व रहन-सहन, ग्रामीण एवं नगरीय स्वशासन।
- जिला प्रशासन।
- हमारा संविधान, केन्द्रीय व राज्य शासन व्यवस्था।
- भारत में लोकतंत्र।
- देश की सुरक्षा एवं विदेश नीति, वैश्विक समुदाय एवं भारत।
- नागरिक सुरक्षा, यातायात सुरक्षा।
- दिव्यांगता।
- सौरमण्डल में पृथ्वी, ग्लोब-पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण, पृथ्वी की गतियाँ।
- मानचित्रण, पृथ्वी के चार परिमण्डल, स्थल मण्डल-पृथ्वी की संरचना, पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप।
- विश्व में भारत, भारत का भौतिक स्वरूप, मृदा, उर्वरक का प्रयोग एवं महत्व, वनस्पति एवं वन्य जीव, भारत की जलवायु, भारत के आर्थिक संसाधन, यातायात, व्यापार एवं संचार।
- उत्तर प्रदेश–भारत में स्थान, राजनीतिक विभाग, जलवायु, मृदा, वनस्पति एवं वन्यजीव, कृषि, खनिज उद्योग-धन्धे, जनसंख्या एवं नगरीकरण।
- वायुमण्डल, जलमण्डल।
- संसार के प्रमुख प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन।
- खनिज संसाधन, उद्योग-धन्धे।
- भारतीय अर्थव्यवस्था एवं उसकी चुनौतियाँ।
- पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन एवं उनकी उपयोगिता।
- प्राकृतिक संतुलन, संसाधनों का उपयोग।
- जनसंख्या वृद्धि का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण–प्रदूषण।
- अपशिष्ट प्रबन्धन, आपदाएँ, पर्यावरणविद, पर्यावरण के क्षेत्र में पुरस्कार, पर्यावरण दिवस, पर्यावरण कैलेण्डर।
6. गणित
- प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, परिमेय संख्याएँ।
- पूर्णांक, कोष्ठक लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक।
- वर्गमूल, घनमूल, सर्वसमिकाएँ।
- बीजगणित, अवधारणा–चर संख्याएँ, अचर संख्याएँ, चर संख्याओं की घात।
- बीजीय व्यंजकों का जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग, बीजीय व्यंजकों के पद एवं पदों के गुणांक, सजातीय एवं विजातीय पद, व्यंजकों की डिग्री, एक, दो एवं त्रिपदीय व्यंजकों की अवधारणाएं।
- युगपत समीकरण, वर्ग समीकरण, रेखीय समीकरण।
- समान्तर रेखाएँ, चतुर्भुज की रचनाएँ, त्रिभुज।
- वृत्त और चक्रीय चतुर्भुज, वृत्त की स्पर्श रेखाएँ।
- अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता, लाभ-हानि, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज।
- सांख्यिकी–आंकड़ों का वर्गीकरण, पिक्टोग्राफ, माध्य, माध्यिका एवं बहुलक, बारम्बारता।
- पाई एवं दण्ड चार्ट, अवर्गीकृत आँकड़ों का चित्र।
- सम्भावना (प्रायिकता) ग्राफ, दण्ड, आरेख तथा मिश्रित दण्ड आरेख।
- कार्तीय तल क्षेत्रमिति (मेन्सुरेशन), घातांक, त्रिकोणमिति।
7. विज्ञान
- दैनिक जीवन में विज्ञान, महत्वपूर्ण खोज, महत्व, मानव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।
- रेशे एवं वस्त्र, रेशों से वस्त्रों तक (प्रक्रिया)।
- सजीव, निर्जीव पदार्थ– जीव जगत, सजीवों का वर्गीकरण, जन्तु एवं वनस्पति के आधार पर पौधों का वर्गीकरण एवं जन्तुओं का वर्गीकरण, जीवों में अनुकूलन, जन्तुओं एवं पौधों में परिवर्तन।
- जन्तु की संरचना व कार्य।
- सूक्ष्म जीव एवं उनका वर्गीकरण।
- कोशिका से अंगतन्त्र तक।
- किशोरावस्था, विकलांगता।
- भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं रोग, फसल उत्पादन, नाइट्रोजन चक्र।
- जन्तुओं में पोषण, पौधों में पोषण, जनन, लाभदायक पौधे।
- जीवों में श्वसन, उत्सर्जन, लाभदायक जन्तु।
- मापन, विद्युत धारा, चुम्बकत्व, गति, बल एवं यंत्र।
- ऊर्जा, ध्वनि, स्थिर विद्युत, प्रकाश एवं प्रकाश यंत्र।
- वायु– गुण, संघटन, आवश्यकता, उपयोगिता, ओजोन परत, हरित गृह प्रभाव।
- जल– आवश्यकता, उपयोगिता, स्रोत, गुण, प्रदूषण, जल–संरक्षण।
- पदार्थ, पदार्थों के समूह, पदार्थों का पृथक्करण, पदार्थ की संरचना एवं प्रकृति।
- अम्ल, क्षार, लवण।
- ऊष्मा एवं ताप।
- मानव निर्मित वस्तुएँ, प्लास्टिक, काँच, साबुन, मृतिका।
- खनिज एवं धातु, कार्बन एवं उसके यौगिक।
- ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत।
- आवर्त सारिणी, रक्त की संरचना, वर्ग एवं रक्त के आदान-प्रदान में सावधानियाँ।
शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन / द्वितीय प्रश्न पत्र (प्रधानाध्यापक हेतु)
- विद्यालय प्रबन्धन का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व।
- विद्यालय प्रबन्धन के क्षेत्र।
- भौतिक संसाधनों का प्रबन्धन (विद्यालय भवन, फर्नीचर, शैक्षिक उपकरण, साज-सज्जा, पेयजल, शौचालय)।
- मानवीय संसाधनों का प्रबन्धन (शिक्षक, बच्चे, समुदाय-ग्राम शिक्षा समिति, विद्यालय प्रबन्धन समिति, शिक्षक अभिभावक संघ, मातृशिक्षक संघ, महिला प्रेरक दल)।
- वित्तीय प्रबन्धन (विद्यालय अनुदान, टी०एल०एम० ग्रान्ट, विद्यालय को समुदाय से प्राप्त धन, विद्यालय की सम्पत्ति से अर्जित धन, ग्राम पंचायत निधि से / जनप्रतिनिधियों से प्राप्त अनुदान)।
- शैक्षिक प्रबन्धन (कक्षा-कक्ष प्रबन्धन, शिक्षण अधिगम सामग्री प्रबन्धन, लर्निंग कॉर्नर एवं पुस्तकालय प्रबन्धन)।
- समय प्रबन्धन : समय सारिणी का निर्माण व प्रयोग।
- विद्यालय प्रबन्धन में विभिन्न अभिकर्मियों की भूमिका।
- प्रारम्भिक शिक्षा के विकास में संलग्न विभिन्न अभिकरण एवं उनकी भूमिका।
- राष्ट्रीय / राज्य / जिला / स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले अभिकरण।
- प्राथमिक शिक्षा का आधारभूत ढाँचा।
- आपदा प्रबन्धन।


This is a very well-written and useful post! Thank you for explaining the Super TET Junior syllabus in such a clear and organized way. It’s truly helpful for students preparing for the exam. Please keep sharing such valuable information — best wishes!
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